अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच डील नहीं होती है तो अब महायुद्ध होगा। इसके साथ ही ट्रंप ने अरब देशों से भी खास अपील की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ये धमकी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ के जरिए दी है। ट्रुथ पर ट्रंप ने एक लंबी पोस्ट लिखी है।
पहले से ज्यादा जोरदार तरीके से चलेंगी गोलियां
इसमें उन्होंने कहा, 'ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे से आगे बढ़ रही है। यह या तो सभी के लिए एक बहुत बड़ी डील होगी, या फिर कोई डील नहीं होगी। हम वापस युद्ध के मैदान में होंगे और गोलियां चलेंगी, लेकिन पहले से कहीं ज्यादा बड़े और जोरदार तरीके से चलेंगी। कोई भी ऐसा नहीं चाहता है।'
अब्राहम समझौते पर करें हस्ताक्षर
ट्रंप ने अरब देशों के नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि इस बहुत ही पेचीदा पहेली को सुलझाने के लिए अमेरिका द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बाद, यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश कम से कम, एक ही समय पर अब्राहम समझौते (Abraham Accords) पर हस्ताक्षर करें। जिन देशों से चर्चा हुई, वे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (जो पहले से ही सदस्य), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन (जो पहले से ही सदस्य) हैं।
एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का हो कारण
ट्रंप ने कहा कि हो सकता है कि एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण हो। उसे स्वीकार कर लिया जाएगा, लेकिन ज्यादातर देशों को ईरान के साथ इस समझौते को अन्यथा की तुलना में कहीं ज्यादा ऐतिहासिक घटना बनाने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम होना चाहिए।
वैश्विक गठबंधन में शामिल होना होगी सम्मान की बात
ट्रंप ने कहा, 'मैं सभी देशों से जोर देकर अनुरोध करता हूं कि वे तुरंत अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करें। अगर ईरान भी मेरे साथ अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर अपना समझौता साइन करता है, तो इस बेमिसाल वैश्विक गठबंधन में उनका भी शामिल होना हमारे लिए एक सम्मान की बात होगी।'
जानिए क्या है अब्राहम समझौता?
बता दें कि अब्राहम समझौता (Abraham Accords) अमेरिका की पहल पर कराया गया एक ऐतिहासिक समझौता है। इसके तहत कुछ अरब देशों ने पहली बार औपचारिक रूप से इजरायल के साथ अपने रिश्ते सामान्य किए थे। यह समझौता साल 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में हुआ था।
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